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Art: Old man and the sea.

समन्दर की उफानी लहरों को देख कर,
मेरे अंदर का सैलाब शांत हो जाता है |
इसलिए नहीं की उसमें दर्द ज़्यादा है,
बल्कि तसल्ली मिल जाती है,
कि कमसकम, मैं अकेला नहीं हूँ |

और ये ख्याल कुछ नया नहीं है |

जब किसी और की कशमकश तुमसे इत्तेफ़ाक़ रखे,
तो सुकून आना तो लाज़मी है ||

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