Laapata image

न फ़िज़ाओं में न तरानों में,
न महफ़िलों में न वीरानों में,
न हकीकत में न ख्यालों में,
न जानो में न अंजानों में,
न वफाओं में न जफ़ाओं में |

और तो और,
न सजदों में न बद्दुआओं  में,

है लापता मेरा सुकून,
अब मिलने की गुँजाइश कहाँ………||

Advertisements